02 लाख कामगारों को दिया जायेगा प्रशिक्षण।

हर प्रवासी को काम मिले, प्रदेश सरकार की यह पहली प्राथमिकता। युवा आत्मनिर्भर बनें, तभी देश आत्म निर्भर बनेगा।   आगरा,  प्रदेश के ...


हर प्रवासी को काम मिले, प्रदेश सरकार की यह पहली प्राथमिकता।

युवा आत्मनिर्भर बनें, तभी देश आत्म निर्भर बनेगा।


  आगरा,  प्रदेश के मा0 राज्यमंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम चौ0 उदयभान सिंह ने आज सर्किट हउस में प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता के दौरान कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रदेश सरकार ने जो रोड मैप तैयार किया है, उसमें आगरा और अलीगढ़ को भी शामिल कर लिया गया है। उनके प्रयासों से गारमेंटिंग हब (एपैरल पार्क) के लिए आगरा और अलीगढ़ का नाम भी तय कर लिया गया है।
    प्रदेश में कम से कम 5 एपैरल पार्कों की स्थापना होनी है। मा0 मुख्यमंत्री जी ने एन0सी0आर0 के बाहर नोएडा से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर ड्राइंग एवं प्रिंटिंग क्लस्टर की स्थापना को भी अपनी सहमति प्रदान की है योजना के तहत गारमेंटिंग एवं एपैरल क्षेत्र में काम करने के लिए युवाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। हथकरघा एवं पावरलूम बुनकरों के लिये नई योजना भी लायी जायेगी। यह एपैरल पार्क यू0पी0ई0आई0डी0 द्वारा विकसित किये जायेंगे और यह एक्सप्रेस-वे के किनारे स्थापित होंगे। फैसीबिल्टी स्टडी और डी0पी0आर0 तैयार करने के लिए जल्दी ही कंसल्टेंट ट्रांसेक्शन एडवाइजर की नियुक्ति होगी।
    मा0 राज्यमंत्री ने कहा कि उ0प्र0 में गारमेंट्स की करीब 4500 औद्योगिक इकाइयां हैं। करीब तीन हजार इकाइयां जनपद गौतम बुद्ध नगर में और 1500 इकाइयां जनपद गाजियाबाद, कानपुर, लखनऊ एवं बरेली में हैं। प्रतिवर्ष 22000 करोड़ का निर्यात होता है। इस निर्यात को 50 हजार करोड़ तक बढाया जा सकता है। अगले पांच वर्षों में 20 हजार करोड़ के निवेश से 20 लाख रोजगार सृजित हो सकते हैं। कोविड-19 आपदा से पैदा हालातों को अवसर में बदला जा सकता है।
    मा0 राज्यमंत्री ने कहा कि अभी तक प्रदेश में स्थापित गारमेंट और एपैरल इकाइयों के लिए ड्राईंग एवं प्रिंटिंग की सुविधा यहां उपलब्ध नहीं है। प्रदेश में स्थापित ज्यादातर गारमेंट इकाइयों को भीलवाड़ा एवं सूरत आदि शहरों में अपने कपड़ों को ड्राईंग एवं प्रिंटिंग के लिए भेजना पड़ता है। इससे न केवल समय का नुकसान होता है बल्कि खर्चा भी अधिक हो रहा है। उन्होंने कहा कि एन0सी0आर0 के बाहर अलीगढ़ आदि में ड्राईंग व प्रिंटिंग क्लस्टर की स्थापना की जा सकती है। इससे गारमेंट्स इकाइयों की कार्यदक्षता बढ़ेगी और खर्चों में भी कमी आयेगी।
    मा0 राज्यमंत्री ने कहा कि अभी तक यह शिकायत रहती है कि गारमेंट्स इकाइयों को दक्ष कामगार (स्किल्ड लेबर) नहीं मिल पाते, इस कमी को दूर करने के लिए भारत सरकार की समर्थ योजना के अन्तर्गत 02 लाख श्रमिकों को सिलाई एवं गारमेंटिंग का प्रशिक्षण दिलाया जा सकता है। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय ने लगभग 99 हजार श्रमिकों व कामगारों को विशेष प्रशिक्षण देने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब एक लाख अन्य श्रमिकों को भी प्रशिक्षण दिलाने के लिए योजना तैयार की गई है। मा0 मुख्यमंत्री जी को गारमेंटिंग सेक्टर के लिए दिए गए प्रजेंटेशन में बताया गया है कि सस्ता कपड़ा प्रदेश में ही तैयार हों, इसके लिए जरूरी है कि यहां ऑटोमेटिक/रेपियर पावरलूम स्थापित किये जायं।
    मा0 राज्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गारमेंट हब तैयार करने के लिए बनाये गये रोड मैप में एपैरल पार्क स्थापित करने के लिए कई सुविधायें और राहतों पर भी प्रदेश सरकार विचार कर रही है। इसमें भूमि क्रय हेतु लिए गये ऋण पर भूमि की प्रचलित सर्किल रेट के समतुल्य धनराशि पर आगणित देय ब्याज की प्रतिपूर्ति के रुप में सात वर्षों के लिए वार्षिक ब्याज का 50 प्रतिशत् तक प्रति औद्योगिक आस्थान/एग्रो पार्क को ब्याज उपादान प्रदान किया जायेगा। कामगारों के लिए हॉस्टल आदि अन्य सुविधाओं पर भी विचार किया जा रहा है। विकास कर्ताओं को भूमि क्रय करने पर स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत् तक की छूट भी प्रदान की जायेगी। औद्योगिक पार्क में एकल इकाइयों द्वारा भूखंड क्रय करने पर स्टांप ड्यूटी में 50 प्रतिशत् की छूट पर भी विचार किया जा रहा है।
     मा0 राज्यमंत्री ने कहा कि हुनरमंद युवाओं को स्मारकों के आस-पास ऐसा बाजार मिले जहां वे अपने हुनर का प्रदर्शन कर अपनी कला को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला सकें। ऐसा बाजार मिले जो उनके उत्पादों को लोकल से ग्लोबल बना सकें। उन्होंने कहा कि ताजमहल, दयालबाग, सिकन्दरा एवं एत्माद्दौला आदि में स्मारकों के पास विभिन्न सरकारी आस्थानों की बेशकीमती जमीनें मौजूद हैं, जिनका कोई उपयोग नहीं हो पा रहा। ऐसी जगहों पर अस्थाई रूप से हुनर का बाजार बनाया जा सकता है। दिल्ली हाट बाजार की तर्ज पर यहॉ इस तरह के बाजारों में अस्थाई स्टॉल देकर युवाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है। उनकी व्यक्तिगत चाहत है कि इस तरह के हाट बाजार विकसित हों, जहॉ खादी ग्रामोद्योग, जूट उद्योग, माटी कला आदि के हुनरमंद लोग अपने उत्पाद पर्यटकों के समक्ष पेश कर सकें। वे जल्दी ही इस योजना का प्रारुप तैयार करके मा0 मुख्यमंत्री जी को अपना प्रजेंटेशन देंगे।
    मा0 राज्य मंत्री ने कहा कि हर प्रवासी को काम मिले, प्रदेश सरकार की यह पहली प्राथमिकता है। एक गांव, एक उत्पाद, एक ब्लाक एक उत्पाद योजना के तहत जिला उद्योग केन्द्र को निर्देश दिये गये हैं कि वे प्रधानों और जागरुक नागरिकों से संवाद करके यह सूचिबद्ध कर लें कि किस गांव, किस ब्लाक में क्या उत्पाद तैयार हो रहा है। किस गांव में किस हुनर के लोग मौजूद हैं। उन्हें बढ़ावा दिया जाय, उन्हें प्रोत्साहन मिले, ताकि उनके हुनर का लाभ उन्हीं के गांव, ब्लाक और क्षेत्र को मिल सकें। उन्होंने कहा कि भोजन और वस्त्र व्यक्ति के जीवन की दो महत्वपूर्ण प्राथमिकतायें हैं। रोजगार के नये अवसर सृजित करने के लिए इन्हीं प्राथमिकताओं को ध्यान में रखना होगा। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि आगरा में एपैरल पार्क के साथ ही फूड प्रोसेसिंग इकाइयॉ भी स्थापित हों। आगरा आलू उत्पादन का प्रमुख केन्द्र है, इस कारण यहॉ आलू आधारित इण्डस्ट्री स्थापित हो सकती है। इसके लिए वे गम्भीरता से प्रयास कर रहें हैं। उन्होंने युवाओं का अह्वान किया कि वे अपना उद्यम लगायें, उनका विभाग पूरी मदद करेगा। युवा आत्मनिर्भर बनें, तभी देश आत्म निर्भर बनेगा और प्रधानमंत्री का सपना पूरा हो सकेगा।
    मा0 राज्यमंत्री ने कहा कि उनके द्वारा जनपद आगरा में इलेक्ट्रोनिक हब के लिये भी प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने केन्द्रीय इलेक्ट्रोनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद जी को भी पत्र भेजा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि उद्योगों से संबंधित वेबिनार में आगरा में उद्योगों को आगे बढ़ाने की चर्चा के दौरान इलेक्ट्रोनिक्स इण्डस्ट्री का मुद्दा उठाया गया था। इसके लिए आगरा में अपार सम्भावनायें हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस मामले में उनके द्वारा किये जा रहे प्रयास भी सफल होंगे। आगरा में तकनीकि शिक्षा प्राप्त युवाओं एवं मानव संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता है। इलेक्ट्रोनिक्स कम्पनियों को भी यहां उद्यम लगाकर तेजी से अपने उद्यम को बढ़ावा देने का अवसर मिलेगा और यहां के युवाओं को रोजगार के नये अवसर मिल सकेंगे।
    इस अवसर पर उपाध्यक्ष लद्यु उद्योग भारती, उ0प्र0 सरकार श्री राकेश गर्ग, संयुक्त आयुक्त उद्योग अंजू रानी, उपायुक्त उद्योग श्री शरद टंडन सहित श्री पूरन डाबर, श्री राजीव अग्रवाल, श्री अमर मित्तल, श्री मनीष अग्रवाल उपस्थित थे

COMMENTS

loading...
Name

Agra Article Bareilly Current Affairs Exclusive Hadees Hindi International Hindi National Hindi News Hindi Uttar Pradesh Home Interview Jalsa Madarsa News muhammad-saw Muslim Story National Politics Ramadan Slider Trending Topic Urdu News Uttar Pradesh Uttrakhand World News
false
ltr
item
TIMES OF MUSLIM: 02 लाख कामगारों को दिया जायेगा प्रशिक्षण।
02 लाख कामगारों को दिया जायेगा प्रशिक्षण।
https://1.bp.blogspot.com/-TafVJAunm8Y/XuyxPqQW2kI/AAAAAAAAhsc/8jJJlrJLpYMNhsOF8Lnr-NY05sb16cR7wCLcBGAsYHQ/s640/images.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-TafVJAunm8Y/XuyxPqQW2kI/AAAAAAAAhsc/8jJJlrJLpYMNhsOF8Lnr-NY05sb16cR7wCLcBGAsYHQ/s72-c/images.jpg
TIMES OF MUSLIM
http://www.timesofmuslim.com/2020/06/02.html
http://www.timesofmuslim.com/
http://www.timesofmuslim.com/
http://www.timesofmuslim.com/2020/06/02.html
true
669698634209089970
UTF-8
Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy